नागपूर - काँग्रेस के वरिष्ट नेता ओमप्रकाश मेनानी से फ्रुट व्यापार की मंदी के विषय को लेकरं मुलाखत ली गयी ओमप्रकाश जी काँग्रेस के कट्टर कार्यकर्ता है साथ ही सतीश चतुर्वेदी के समर्थक है कोरोना के कारण फल व्यापार ठप्प है फल का व्यापार अब लाभदायक नही रहा है संत्रा का मोसम अब समाप्त हुवा है आम की फसल है लेकिन लॉक डाऊन के कारण आम मंडी मे आने के लिये दिक्कते जा रही है डिझेल मे वृद्धी होणे से ट्रान्सपोर्ट व्यापार पर भी गदा आने से थेट नुकसान किसान का हो रहा है फल ऐसी चीज है की पेंड से तुटी तो दुसरे दिन बाजार मे बिकना चाहीये अन्यथा फल खराब हो जाते है आम की आवक ज्यादा तर आंध्रप्रदेश से होती है लॉक डाऊन से फल मंडी मे आवगमन नही है होलसेलर रीटेलर भी माल नही उठा रहे है फल का माल स्टॉक करके रख नही सकते दूध दही के समान फल भी नाशवंत हो जाते है फल अत्यावश्यक सेवा है लेकिन फल बाजार मे तेजी नही है कोरोना के कारण सभी व्यापारी भी त्रस्त है प्रशासन ने 31 मार्च तक दुकाने 4 बजे तक का समय दिया है यही प्रक्रिया 365 दिन रही तो ठीक है मॉरिशस मे 365 दिन यही समय रहता है 4 बजे तक सारे काम करके 9 बजेतक जीवन का लुत्फ उठा सकते है जीवन मे बदलावं आ सकता है
शहरवासीयो से मेरी विनंती है की भीडभाड मे न जाये मास्क परिधान करे सामाजिक दुरी का पालन करे
फ्रुट व्यापारी की स्थिती चिंताजनक - ओमप्रकाश मेनानी
लॉकडाऊन के चलते फल व्यापार मे भी मंदी का दौर है अब संत्रा की आवक नही है अब आम का मोसम है आम की फसल है लेकिन ट्रान्सपोर्ट व्यापारी ने डिझेल की वृद्धी से के कारण त्रस्त है इसका नुकसान किसान को हो रहा है साथ ही फल व्यापारी चपेट मे आये है